Kamuk Wine
मेरी माँ कामिनी - भाग 31 माहौल में अब सिर्फ़ मटन पकने की खुशबू नहीं थी, बल्कि दो जिस्मों के जलने की गंध भी थ…
Read moreमेरी माँ कामिनी - भाग 30 अगली सुबह का सूरज निकला, लेकिन रमेश के घर के ऊपर काले बादल मंडरा रहे थे। रमेश की आ…
Read moreमेरी माँ कामिनी - भाग 29 रात का गहरा सन्नाटा था। शमशेर की जीप रमेश के घर के पिछवाड़े वाले गेट पर आकर रुकी। ह…
Read moreमेरी माँ कामिनी - भाग 28 लिविंग रूम में बैठने की व्यवस्था हो रही थी। सोफे मखमली और आरामदायक थे। तभी रमेश की…
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